Thursday, 16 February 2017

जन्म कुंडली से 60 वर्ष का हिन्दी फलादेश --

जन्म कुंडली से 60 वर्ष का हिन्दी फलादेश --
horoscope and janam kundli making in 60 year  hindi predictions


mukta dixit astrologer



Image result for kundliजन्म कुंडली से आफ्ना भविष्य फल जानने के लिए जन्म तारीख ,जन्म समय , जन्म स्थान की आवश्यकता होती है ईसके बाद जन्म कुंडली बनाई जाती है

 जिस मे बलरिस्ट निकाला जाता है 12 साल के बच्चो के लिए फिर फलादेश करते है
 जिस मे विध्या के बारे मे कोन सा विषय पढ़ेगे एव विद्या मे रुकावट योग तो नहीं है 
नोकरी और व्यवसाय के योग सरकारी या प्राइवेट किस वस्तु के व्यापार से लाभ होगा 
विवाह के योग विवाह कब होगा किस दिशा मे होगा किस वर्ष मे हो मंगली कुंडली तो नहीं आदि का विवरण होता है 
जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष का विवरण होता है 
रोगो का  विवरण किस -किस रोग से कष्ट होगा आदि 
संता न विचार का विवरण होता है 
आप का ईष्ट कोनसे देवी या देव है 
योगो का  विवरण मे राजयोग कब घटित होंगे या दरिद्र योग शकटयोग उनका फलका  विवरण होता है 
आय केसी रहेगी व्यय अधिक या कम का  विवरण होता है 
रत्न परामर्श कोनसा शुभ है और लकी रत्न का  विवरण होता है 
शनि की साढ़े साती ढैया कब -कब और क्या -क्या फल होता है का  विवरण होता है 
जन्म कुंडली मे कष्ट के वर्ष का  विवरण होता है 
जन्म दशा से मूत्यु की दशा कोन सी दशा अधिक कष्ट करी रहगी उसका उपाय  का  विवरण होता है 

ईस प्रकार जन्म कुंडली का संपूरण फल हिन्दी मे हस्तलिखित होता है आप यदि जन्म कुंडली से 60 वर्ष काहिन्दी फलादेश --प्राप्त करना चाहते है तो कॉल करे --+917697961597

Tuesday, 14 February 2017

हस्त रेखा 14 बातें जो जीवन रेखा देखकर मालूम होती हैं

हस्त रेखा 14 बातें जो जीवन रेखा देखकर मालूम होती हैं Hast Rekha 14  baatein jo jeevan rekha dekh kar maloom hoti hai

dharmikसामान्यत: तीन रेखाएं मुख्य रूप से दिखाई देती हैं। ये तीन रेखाएं जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा है। इनमें से जो रेखा अंगूठे के ठीक नीचे शुक्र पर्वत को घेरे रहती है, वही जीवन रेखा कहलाती है
2. यदि मस्तिष्क रेखा (मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा लगभग एक ही स्थान से प्रारंभ होती है) और जीवन रेखा के मध्य थोड़ा अंतर हो तो व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाला होता है।
3. यदि मस्तिष्क रेखाऔर जीवन रेखा के मध्य अधिक अंतर हो तो व्यक्ति बिना सोच-विचार के कार्य करने वाला होता है।
4. यदि दोनों हाथों में जीवन रेखा टूटी हुई हो, तो व्यक्ति को असमय मृत्यु समान कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। यदि एक हाथ में जीवन रेखा टूटी हो और दूसरे हाथ में यह रेखा ठीक हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करती है।
5. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में जीवन रेखा श्रृंखलाकार या अलग-अलग टुकड़ों से जुड़ी हुई या बनी हुई हो तो व्यक्ति निर्बल हो सकता है। ऐसे लोग स्वास्थ्य की दृष्टि से भी परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसा विशेषत: तब होता है, जब हाथ बहुत कोमल हो। जब जीवन रेखा के दोष दूर हो जाते हैं तो व्यक्ति का जीवन सामान्य  हो जाता है।
6. यदि जीवन रेखा से कोई शाखा गुरु पर्वत क्षेत्र की ओर उठती दिखाई दे या गुरु पर्वत में जा मिले तो इसका अर्थ यह समझना चाहिए कि व्यक्ति को कोई बड़ा पद या व्यापार-व्यवसाय में तरक्की प्राप्त होती है।
7. यदि जीवन रेखा से कोई शाखा शनि पर्वत क्षेत्र की ओर उठकर भाग्य रेखा के साथ-साथ चलती दिखाई दे तो इसका अर्थ यह होता है कि व्यक्ति को धन-संपत्ति का लाभ मिल सकता है। ऐसी रेखा के प्रभाव से व्यक्ति को सुख-सुविधाओं की वस्तुएं भी प्राप्त हो सकती हैं।
9. यदि जीवन रेखा को कई छोटी-छोटी रेखाएं काटती हुई नीचे की ओर जाती हो तो ये रेखाएं व्यक्ति के जीवन में परेशानियों को दर्शाती हैं। यदि इस तरह की रेखाएं ऊपर की ओर जा रही हों तो व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है।
10. यदि जीवन रेखा गुरु पर्वत से प्रारंभ हुई हो तो व्यक्ति अति महत्वाकांक्षी होता है। ये लोग अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
11. जब टूटी हुई जीवन रेखा शुक्र पर्वत के भीतर की ओर मुड़ती दिखाई देती है तो यह अशुभ लक्षण होता है। ऐसी जीवन रेखा बताती है कि व्यक्ति को किसी बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।
12. यदि जीवन रेखा अंत में दो भागों में विभाजित हो गई हो तो व्यक्ति की मृत्यु जन्म स्थान से दूर होती है।
13. जीवन रेखा पर वर्ग का चिह्न हो तो यह व्यक्ति के जीवन की रक्षा करता है। आयु के संबंध में जीवन रेखा के साथ ही स्वास्थ्य रेखा, हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और अन्य छोटी-छोटी रेखाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
14. यदि दोनों हाथों में जीवन रेखा बहुत छोटी हो तो वह व्यक्ति अल्पायु हो सकता है। जीवन रेखा जहां-जहां श्रृंखलाकार होगी, उस आयु में व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो सकता है।

Monday, 13 February 2017

महाशिवरात्रि :असंभव काम भी संभव हो जाता है इस शिव स्तोत्र से

महाशिवरात्रि :असंभव काम भी संभव हो जाता है इस शिव स्तोत्र से |                                                                                    Mahashivratri: Asambhav kaam bhi sambhav ho jata Shri Shivji ke is stotra se

Image result for शिव पर दूधभगवान शंकर=की महिमा का वर्णन अनेक धर्म ग्रंथोंमें किया गया है। सभी में एक ही बात कही गई है कि भगवान शिव अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए तत्पर रहते हैं। इनकी उपासना करने से जीवन का हर सुख मिलता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार यदि किसी असंभव कार्य को संभव करना हो तो शिवषडक्षर स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इस स्त्रोत का पाठ महाशिवरात्रि    के दिन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
शिवषडक्षरस्तोत्रम्
                             ऊँकारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिन:।
कामदं मोक्षदं चैव ओंकाराय नमो नम:।।
नमंति ऋषयो देवा नमंत्यप्सरसां गणा:।
नरा नमंति देवेशं नकाराय नमो नम:।।
महादेवं महात्मानं महाध्यानं परायणम्।
महापापहरं देवं मकाराय नमो नम:।।
शिवं शान्तं जगन्नाथं लोकनुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नम:।।
वाहनं वृषभो यस्य वासुकि: कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं देवं वकाराय नमो नम:।।
यत्र यत्र स्थितो देव: सर्वव्यापी महेश्वर:।
यो गुरु: सर्वदेवानां यकाराय नमो नम:।।
षडक्षरमिदं स्तोत्रं य: पठेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते।।

दूध की शक्ति से हो धन की समस्या दूर एक प्रयोग


 दूध की  शक्ति से हो धन की समस्या दूर एक प्रयोग dudh ki shakti se ho dhn ki samsya dur ak pryog 



Image result for शिव पर दूध दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं लेकिन स्वास्थ्य बनाने के साथ ही दूध किस्मत चमकाने का काम भी करता है। यहां जानिए शास्त्रों के अनुसार बताए गए दूध से जुड़े कुछ खास उपाय ----
यदि कोई व्यक्ति पैसों की जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहा है घर या किसी मंदिर मे  प्रतिदिन स्फटिक शिवलिंग या शिव मंदिर मे  शिवलिंग पर दूध अर्पित करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में या सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद घर से कच्चा दूध लेकर किसी शिव मंदिर जाएं। मंदिर में शिवलिंग पर जल, दूध, पुष्प, अक्षत आदि पूजन सामग्री अर्पित करें और प्रार्थना करें। इस उपाय से पैसों की समस्या दूर हो जाती हैं।