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Monday, 14 March 2016

कार्य सिद्धि हेतु होरा मुहूर्त karya siddhi hetu hora muhurat

कार्य सिद्धि हेतु होरा मुहूर्त 

karya siddhi hetu hora muhurat

किसी भी व्यक्ति को विशेष कार्य की शुरुआत करनी हो तो वो उसे विशेष मुहूर्त मे ही काम करना चाहता है.ज्योतिष शास्त्र मे होरा चक्र का निर्माण किया गया है जिसे आप स्वयं देख कर किसी भी कार्य की शुरुआत कर सकते है जिससे आप का कार्य सफल होज्योतिषशास्त्र में होरा चक्र का निर्माण किया गया,जिससे आप किसी भी दिन स्वयं होरा देखकर कोई भी काम कर सकते हैं |ज्योतिषशास्त्र के अनुसार एक होरा (दिन-रात)में २४ होराएँ होती हैं जिन्हें हम २४ घंटो के रूप में जानते हैं जिसके आधार पर हर एक घंटे की एक होरा होती हैं जो किसी ना किसी ग्रह की मानी जाती हैं|प्रत्येक वार की प्रथम होरा उस ग्रह की होती हैं जिसका वो वार होता हैं जैसे यदि रविवार हैं तो पहली होरा सूर्य की ही होगी
होराओ का क्रम- प्रत्येक ग्रह की पृथ्वी से जो दुरी हैं उस हिसाब से ही होरा चक्र बनाया गया हैं आईये देखते हैं की होरा कैसे देखी जातीं हैं|मान लेते हैं की हमें रविवार के दिन किसी भी ग्रह की होरा देखनी हो तो हम उसे इस प्रकार से देखेंगे|

पहली होरा -सूर्य ग्रह की होगी 

दूसरी होरा -शुक्र ग्रह की होगी 

तीसरी होरा -बुध ग्रह की होगी 

चौथी होरा-चंद्र ग्रह की होगी 

पांचवी होरा -शनि ग्रह की होगी 

छठी होरा -गुरु ग्रह की होगी 

सातवी होरा -मंगल ग्रह की होगी 

आठवी होरा फ़िर से सूर्य की ही होगी तथा यह क्रमश: ऐसे ही चलता रहेगा इस प्रकार जो भी वार हो उसी वार की होरा से आगे की होरा निकाली जा सकती हैं तथा अपने महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं|
विभिन्न ग्रहों की होरा में कुछ निश्चित कार्य किए जाए तो सफलता निश्चित ही प्राप्त होती हैं |आप प्रतिदिन होरा मुहूर्त जानकर अपने कार्यो में सफलता प्राप्त कर सकते है |

सूर्य की होरा --सरकारी नौकरी ज्वाइन करना,चार्ज लेना और देना,अधिकारी से मिलना,टेंडर भरना व 

चंद्र की होरा --यह होरा सभी कार्यो हेतु शुभ मानी जाती हैं |

मंगल की होरा---पुलिस व न्यायालयों से सम्बंधित कार्य व नौकरी ज्वाइन करना, जुआ सट्टा लगाना,क़र्ज़ देना, सभा समितियो में भाग लेना,

बुध की होरा--नया व्यापार शुरू करना,लेखन व प्रकाशन कार्य करना,प्रार्थना पत्र देना,विद्या शुरू करना,कोष संग्रह करना,

गुरु की होरा --बड़े अधिकारियो से मिलना,शिक्षा विभाग में जाना व शिक्षक से मिलना,विवाह सम्बन्धी कार्य 

शुक्र की होरा --नए वस्त्र पहनना,आभूषण खरीदना व धारण करना,फिल्मो से सम्बंधित कार्य करना ,

शनि की होरा --मकान की नींव खोदना व खुदवाना,कारखाना शुरू करना,वाहन व भूमि खरीदना,|