Thursday, 11 October 2018

गुरु का गोचर -वृश्चिक राशि मे 2018 -2019 विचार --सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा फल--

गुरु का गोचर -वृश्चिक राशि मे  2018 -2019 विचार --सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा फल-- 

guru ka vrsshik rashi me prvesh 2018 -2019 

Image result for गुरु का राशि परिवर्तन 2018गुरु ग्रह के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर हो रहा है। मंगल की राशि वृश्चिकमें गुरु कुछ लोगों के लिए बहुत फायदेमंद रहने वाला है।कुछ राशि यों के लिए कष्ट करी  गुरु ग्रह करीब 13 माह में एक बार राशि बदलता है। फल क्या होगा |जाने सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा फल-- 


मेष-  नए कार्यों प्राप्त होंगे एवं विरोधी से हानी  रहेंगे। अभी प्रसन्नता और अचानक धन लाभ का योग है। कुछ दिनों बाद समस्याएं बढ़ सकती हैं। आरोप लग सकते हैं।तनाव रहेगा एवं अनेक प्रकार की चिंताएं रहेंगीशांति करावे 
वृृषभ-  सहयोग की प्राप्ति। परिवार में खुशियां और धन की प्राप्ति होगी। नए कार्यों प्राप्त होंगेकुछ दिनों बाद आय में सुधार होगा, लेकिन अन्य हालात वैसे ही बने रहेंगे। मेहनत अधिक रहेगी। निकट के लोग दूरी बनाने का प्रयास करेंगे। धीरे-धीरे हालात अच्छे  जाएंगे।
मिथुन- भाग्य का साथ मिलेगा। कार्य में गति बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। नए कार्य प्राप्त होंगे। सावधान रहें वाहन से दिक्कत हो सकती है। मित्रों से परेशानी होगी। परिवार के साथ यात्रा  पर जाने का मौका प्राप्त होगा।
कर्क- गुरु की नवम पूर्ण दृष्टि के साथ, गुरु के पंचम हो जाने से कई दिनों से चली आ रही परेशानियों का अंत होगा। आय में सुधार के साथ, सम्मान में वृद्धि होगी। विरोधियों का शमन होगा। राहत की प्राप्ति होगी। कानूनी मामलों में आ रही अड़चनें भी समाप्त होंगी।
सिंह-  आय एवं कार्यस्थल पर प्रभाव बढ़ेगा। संतान से सुख प्राप्त होगा और नए कार्यों की प्राप्ति होंगी। जमीन से लाभ प्राप्त होगा। गुरु चतुर्थ है, इस कारण कुछ दिनों बाद आय में कमी देने वाला समय आ सकता है। सतर्क रहने से लाभ होगा।
कन्या-  कार्य में बाधाएं आएंगी और खर्च अधिक होगा। बेकार समय भी बर्बाद होगा। अभी सावधान रहें, नुकसान हो सकता है। परिवार अनुकूल रहेगा और मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। 
तुला- कार्य समय पर होंगे एवं लाभ की प्राप्ति भी होगी। कुछ दिनों बाद परेशानी आ सकती है। चोरी होने का भय है। बुरे समय के बाद फिर अच्छा समय आने के योग हैं। वाहन सुख एवं यात्रा का योग है। मित्रों से मिलना होगा। मनचाहे काम मे बाधा आयगी 
वृश्चिक-  मदद की प्राप्ति भी होगी और कार्य में तरक्की मिलेगी। छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं। गुरु का प्रवेश राशि में होने से पिछले समय से चली आ रही आर्थिक तंगी  होगी। साथ ही सम्मान वृद्धि के साथ बड़े कार्य करने के मौके मिलेंगे।
धनु-  गुरु द्वादश रहेगा। यह समय व्यय बढ़ाने वाला और आय को कम करने वाला होगा। अत्यंत सावधान रहकर काम करना होगा।  रोग से कष्ट होगा वाहन प्रयोग में सावधानी रखें।
मकर-आय में वृद्धि होने लगेगी। अनावश्क समय की बर्बादी से बचेंगे। कानूनी मामलों में सफलता प्राप्त होगी। नए काम की प्राप्ति होगी। पुरानी जायदाद से लाभ मिलेेगा। साथियों के कारण परेशानियां हो सकती हैं।  परेशानियां रहेंगी। धीरे-धीरे  सुधार होगा। 
कुंभ-  कार्य स्थान पर प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। यात्राएं सुखद रहेंगी। विरोधी शांत रहेंगे। कुछ दिनों बाद अनचाहे काम करना पड़ सकते हैं। आय बनी रहेगी। संतान से सुख और कार्य में वृद्धि |
मीन- आपके लिए समय अच्छा है। । वरिष्ठों सहयोग प्राप्त होगा। नए काम भी मिल सकते हैं। योजनाएं सफल होंगी। कुछ दिनों बाद कार्यों में परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन गुरु नवम होने से भाग्य वृद्धि होगी और परेशानियों को दूर कर पाएंगे। पिछले समय से रुके कार्यों में गति आएगी

Tuesday, 9 October 2018

नवरात्रि 2018 बुधवार से, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और तिथि की जानकारी

  नवरात्रि 2018  बुधवार से,  कलश स्थापना  का शुभ मुहूर्त और तिथि की जानकारी 

Navratri 2018:  kalash sthapan shubh muhurt


Image result for durgaशरद नवरात्रि का शुभारंभ चित्रा नक्षत्र में मां जगदम्बे के नाव पर आगमन से शुरू हो रहा है। इस बार प्रतिपदा और द्वितीया तिथि एक साथ होने से मां शैलपुत्री  और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा एक  दिन होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 10 अक्टूबर को प्रतिपदा और द्वितीया माना जा रहा है।   पहला और दूसरा नवरात्र दस अक्तूबर को है। दूसरी तिथि का क्षय माना गया है। अर्थात शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना एक ही दिन होगी। इस बार पंचमी तिथि में वृद्धि है। 13 और 14 अक्तूबर दोनों दिन पंचमी रहेगी। पंचमी तिथि स्कंदमाता का दिन है। दो दिन पंचमी रहने से मां स्कंदमाता की दो दिन पूजा की जाएगी।

घट स्थापना: सिर्फ एक घंटा दो मिनट
इस बार नवरात्रि घट-स्थापना के लिए बहुतही कम समय प्राप्त हो रहा है। केवल एक घंटा दो मिनट के अंदर ही घट स्थापना की जा सकती है अन्यथा प्रतिपदा के स्थान पर द्वितीया को घट स्थापना होगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा। पहली बार नवरात्र की घट स्थापना के लिए काफी कम समय मिल रहा है। यदि प्रतिपदा के दिन ही घट स्थापना करनी है तो आपको केवल एक घंटा दो मिनट मिलेंगे। सवेरे जल्दी उठना होगा और तैयारी करनी होगी। पिछले नवरात्र पर घट स्थापना के लिए मुहूर्त काफी थे , लेकिन कम समय के लिए प्रतिपदा होने से इस बार घट स्थापना के लिए कम समय है।

10 अक्तूबर- प्रात: 6.22 से 7.25 मिनट तक रहेगा ( यह समय कन्या और तुला का संधिकाल होगा जो देवी पूजन की घट स्थापना के लिए अतिश्रेष्ठ है।)
मुहूर्त की समयावधि- एक घंटा दो मिनट
ब्रह्म मुहूर्त-  प्रात: 4.39 से 7.25 बजे तक का समय भी श्रेष्ठ है।  7.26 बजे से द्वितीया तिथि का प्रारम्भ हो जाएगा।
स्वय सिद्ध मुहूर्त
यदि किन्हीं कारणों से प्रतिपदा के दिन सवेरे 6.22 से 7.25 मिनट तक घट स्थापना नहीं कर पाते हैं तो अभिजीत मुहूर्त में 11.36 से 12.24 बजे तक घट स्थापना कर सकते हैं। लेकिन यह घट स्थापना द्वितीया में ही मानी जाएगी।
प्रतिपदा तिथि का आरंभ :
9 अक्टूबर 2018, मंगलवार 09:16 बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त : 10 अक्टूबर 2018, बुधवार 07:25 बजे
नवरात्र की तिथियां -
प्रतिपदा /  द्वितीया - 10 अक्तूबर - माँ शैलपुत्री माँ ब्रह्मचारिणी
तृतीया - 11 अक्तूबर - माँ चन्द्रघण्टा
चतुर्थी - 12 अक्तूबर - माँ कुष्मांडा
पंचमी - 13 अक्टूबर - माँ स्कंदमाता
पंचमी - 14 अक्तूबर - माँ स्कंदमाता
षष्टी - 15 अक्तूबर - माँ कात्यायनी
सप्तमी - 16 अक्तूबर - माँ कालरात्रि
अष्टमी - 17 अक्तूबर - माँ महागौरी (दुर्गा अष्टमी)
नवमी - 18 अक्तूबर - माँ सिद्धिदात्री (महानवमी)
दशमी- 19 अक्तूबर- विजय दशमी (दशहरा)
 

Thursday, 4 October 2018

भविष्य विचार -----निफ्टी मे क्या होगा तेजी या मंदी अक्तूबर 2018

 भविष्य विचार -----निफ्टी मे क्या होगा तेजी या मंदी अक्तूबर 2018
Nifty me kya teji ya mandi october2018 



निफ़्टी में तारीख 5 को ग्रह स्थिति के अनुसार घटवार चले गी 2:00 से 3:00 के बीच में सामान्य तेजी की संभावना तारीख 8 को ग्रह स्थिति अनुसार तेजी के योग बने 9 को भी तेजी बनी रहे तारीख 10 को पहले मंदी फिर तेजी तारीख 11 को घट बढ़ के बाद तेजी के योग संभावित तारीख 12 को मंदी के साथ सामान्य तेजी के योग बनेंगे बाजार का रुख अवश्य ध्यान में रखें यह जानकारी ग्रह स्थिति के अनुसार दी जा रही है

जन्मकुंडली का शकट योग भी बना देता है कंगाल और परेशान ----उपाय by muktajy...