Wednesday, 16 May 2018
Wednesday, 9 May 2018
Monday, 7 May 2018
Friday, 4 May 2018
अपार धन के लिए शनि मंत्र
अपार धन के लिए शनि मंत्रapar dhan ke liye shani mantr
शनि उपासना से जीवन में सौभाग्य, दौलत, सफलता और सम्मान प्राप्त होता है। शास्त्रों में शनिवार के दिन ऐसी ही मनोरथ सिद्धि व कष्ट-पीड़ाओं से मुक्ति के लिए शनि मंत्रों से उपासना बहुत ही मंगलकारी बताई गई है। काले हकीक की माला से शनि मंत्र कोई भी एक मंत्र रोज 108 बार जप करे शनिजी की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और इनका जाप करें मनोरथ सिद्धि होते है व कष्ट-पीड़ाओं से मुक्ति होती है |
वैदिक मंत्र
पौराणिक मंत्र
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनैश्चरम्।।
बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
सामान्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नम:
शनिजी की प्रतिमा यंत्र प्राप्त करे पूजित सिद्ध संपर्क +917697961597
Thursday, 26 April 2018
नारियल का जन्म कैसे हुआ
नारियल का जन्म कैसे हुआ
Coconut ka jnm kaise huye
हिन्दू धर्म में नारियल का विशेष महत्तव है। नारियल के बिना कोई भी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न नहीं होता है। नारियल से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है जो जिसके अनुसार नारियल का इस धरती पर अवतरण ऋषि विश्वामित्र द्वारा किया गया था। यह कहानी प्राचीन काल के एक राजा सत्यव्रत से जुड़ी है। सत्यव्रत एक प्रतापी राजा थे, जिनका ईश्वर में सम्पूर्ण विश्वास था। उनके पास सब कुछ था लेकिन उनके मन की एक इच्छा थी जिसे वे किसी भी रूप में पूरा करना चाहते थे।
वे चाहते थे की वे किसी भी प्रकार से पृथ्वीलोक से स्वर्गलोक जा सकें। स्वर्गलोक की सुंदरता उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती थी, किंतु वहां कैसे जाना है, यह सत्यव्रत नहीं जानते थे।एक बार ऋषि विश्वामित्र तपस्या करने के लिए अपने घर से काफी दूर निकल गए थे और लम्बे समय से वापस नहीं आए थे। उनकी अनुपस्थिति में क्षेत्र में सूखा पड़ा गया और उनका परिवार भूखा-प्यासा भटक रहा था। तब राजा सत्यव्रत ने उनके परिवार की सहायता की और उनकी देख-रेख की जिम्मेदारी ली।
जब ऋषि विश्वामित्र वापस लौटे तो उन्हें परिवार वालों ने राजा की अच्छाई बताई। वे राजा से मिलने उनके दरबार पहुंचे और उनका धन्यवाद किया। शुक्रिया के रूप में राजा ने ऋषि विश्वामित्र द्वारा उन्हें एक वर देने के लिए निवेदन किया। ऋषि विश्वामित्र ने भी उन्हें आज्ञा दी।
तब राजा बोले की वो स्वर्गलोक जाना चाहते हैं, अपने परिवार की सहायता का उपकार मानते हुए ऋषि विश्वामित्र ने जल्द ही एक ऐसा मार्ग तैयार किया जो सीधा स्वर्गलोक को जाता था।
राजा सत्यव्रत खुश हो गए और उस मार्ग पर चलते हुए जैसे ही स्वर्गलोक के पास पहुंचे ही थे, कि स्वर्गलोक के देवता इन्द्र ने उन्हें नीचे की ओर धकेल दिया। धरती पर गिरते ही राजा ऋषि विश्वामित्र के पास पहुंचे और रोते हुए सारी घटना का वर्णन करने लगे।
देवताओं के इस प्रकार के व्यवहार से ऋषि विश्वामित्र भी क्रोधित हो गए, परन्तु अंत में स्वर्गलोक के देवताओं से वार्तालाप करके आपसी सहमति से एक हल निकाला गया। इसके मुताबिक राजा सत्यव्रत के लिए अलग से एक स्वर्गलोक का निर्माण करने का आदेश दिया गया। ये नया स्वर्गलोक पृथ्वी एवं असली स्वर्गलोक के मध्य में स्थित होगा, ताकि ना ही राजा को कोई परेशानी हो और ना ही देवी-देवताओं को किसी कठिनाई का सामना करना पड़े। राजा सत्यव्रत भी इस सुझाव से बेहद प्रसन्न हुए, किन्तु ना जाने ऋषि विश्वामित्र को एक चिंता ने घेरा हुआ था।
उन्हें यह बात सत्ता रही थी कि धरती और स्वर्गलोक के बीच होने के कारण कहीं हवा के ज़ोर से यह नया स्वर्गलोक डगमगा ना जाए। यदि ऐसा हुआ तो राजा फिर से धरती पर आ गिरेंगे। इसका हल निकालते हुए ऋषि विश्वामित्र ने नए स्वर्गलोक के ठीक नीचे एक खम्बे का निर्माण किया, जिसने उसे सहारा दिया।
माना जाता है की यही खम्बा समय आने पर एक पेड़ के मोटे तने के रूप में बदल गया और राजा सत्यव्रत का सिर एक फल बन गया। इसी पेड़ के तने को नारियल का पेड़ और राजा के सिर को नारियल कहा जाने लगा। इसीलिए आज के समय में भी नारियल का पेड़ काफी ऊंचाई पर लगता है।
इस कथा के अनुसार सत्यव्रत को समय आने पर एक ऐसे व्यक्ति की उपाधि दी गई ‘जो ना ही इधर का है और ना ही उधर का। यानी कि एक ऐसा इंसान जो दो धुरों के बीच में लटका हुआ है।
Wednesday, 25 April 2018
सुख और समृद्धि के 9 वस्तु टिप्स
सुख और समृद्धि के 9 वस्तु टिप्स
sukh aur samrdhi ke 9 vastu tips
हम सभी अपनी जिंदगी में सुख और समृद्धि चाहते हैं लेकिन रोजमर्रा में हम
ऐसी गलतियां करते हैं जो वास्तु के अनुसार सही नहीं होती।कुछ आसान टिप्स जो जिंदगी में सुख और समृद्धि प्रदान करते है वास्तु टिप्स :
* मुख्य द्वार के सामने सीढ़ी नहीं होनी चाहिए।
* पति-पत्नी हमेशा डबल बेड पर 2 गद्दे न बिछावे एक बिछावे ताकि जीवन मे दरार न आवे
* लंबे गलियारे में दर्पण जरूर लगाएं।
* सूखे फूल घर में कभी ना रखें।
* खाली दीवार की तरफ मुंह करके ना बैठें।
* दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्फटिक का झूमर टांगें।
* रात को कपड़े बाहर न सुखाएं।
* बंद घडियां घर में अशुभ होती है।
* झाडू-पोंछा और कूड़ादान हमेशा छुपा कर रखें।
* रसोई घर में पानी और चूल्हा पास ना रखें।
Subscribe to:
Posts (Atom)