Saturday, 12 July 2014

विदुर नीति -->जाने नीद न आने के कारण

विदुर नीति -->जाने नीद न आने के कारण 


विदुर नीति: इन कारणों से स्त्री हो या पुरुष, दोनों को रात में नींद नहीं आती है
 महाभारत में एक समय जब महाराज धृतराष्ट्र बहुत व्याकुल थे और उन्हें नींद नहीं आ रही थी, तब उन्होंने महामंत्री विदुर को बुलवाया। कुछ समय बाद विदुर महल में महाराज के सामने पहुंच गए। धृतराष्ट्र ने विदुर से कहा कि मेरा मन बहुत व्याकुल है। जब से संजय पांडवों के यहां से लौटकर आया है, तब से मेरा मन बहुत अशांत है। संजय कल सभा में सभी के सामने क्या कहेगा, यह सोच-सोचकर मन व्यथित हो रहा है। नींद नहीं आ रही है।
यह सुनकर विदुर ने महाराज से महत्वपूर्ण नीति की बात कही। विदुर ने कहा जब किसी व्यक्ति चाहे वह स्त्री हो या पुरुष दोनों के जीवन में ये चार बातें होती हैं, तब उसकी नींद उड़ जाती है और मन अशांत हो जाता है।
1 --- विदुर ने धृतराष्ट्र से कहा यदि किसी व्यक्ति के मन में कामभाव जाग गया हो तो उसे नींद नहीं आती है। जब तक कामी व्यक्ति की काम भावना तृप्त नहीं हो जाती है, तब तक वह सो नहीं सकता है। कामभावना व्यक्ति के मन को अशांत कर देती है और कामी किसी भी कार्य को ठीक से नहीं कर पाता है। यह भावना स्त्री और पुरुष दोनों की नींद उड़ा देती है।
2 ---  यदि किसी व्यक्ति की प्रवृत्ति चोरी की है, जो चोरी करके ही अपने उदर की पूर्ति करता है, जिसे चोरी करने की आदत पड़ गई है, जो दूसरों का धन चुराने की योजनाएं बनाते रहता है, उसे नींद नहीं आती है। चोर हमेशा रात में चोरी करता है और दिन में इस बात से डरता है कि कहीं उसकी चोरी पकड़ी ना जाए। इस वजह से उसकी नींद भी उड़ी रहती है।

3 ---  जब किसी स्त्री या पुरुष की शत्रुता बहुत बलवान व्यक्ति से हो जाती है तो उसकी नींद उड़ जाती है। निर्बल और साधनहीन व्यक्ति हर पल बलवान शत्रु से बचने के उपाय सोचता रहता है। उसे हमेशा यह भय सताता है कि कहीं बलवान शत्रु की वजह से कोई अनहोनी न हो जाए।
4--- यदि किसी व्यक्ति का सब कुछ छिन लिया गया हो तो उसकी रातों की नींद उड़ जाती है। ऐसा इंसान न तो चैन से जी पाता है और ना ही सो पाता है। इस परिस्थिति में व्यक्ति हर पल छिनी हुई वस्तुओं को पुन: पाने की योजनाएं बनाते रहता है। जब तक वह अपनी वस्तुएं पुन: पा नहीं लेता है, तब तक उसे नींद नहीं आती है।

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